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दसà¥à¤¤ होने के कà¥à¤¯à¤¾ कारण हो सकते हैं (Diarrhea or Loose Motion Causes in Hindi)
दसà¥à¤¤ होने के अनेक कारण हो सकते हैं जैसे कि असà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ à¤à¥‹à¤œà¤¨ (Unhealthy Food) या दूषित पानी का सेवन करने की वजह से इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ हो जाता है।
बासी खाना का सेवन करने से à¤à¥€ दसà¥à¤¤ मà¥à¤®à¤•िन है
जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ मातà¥à¤°à¤¾ में ऑयली फूड का सेवन करने से à¤à¥€ दसà¥à¤¤ संà¤à¤µ है
कई बार मानसिक तनाव होने की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में à¤à¥€ दसà¥à¤¤ हो जाता है
कई बार शराब व अनà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤•ार के मादक पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ का सेवन करने से à¤à¥€ दसà¥à¤¤ हो सकता है
मिरà¥à¤š मसाला या अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• मातà¥à¤°à¤¾ में तेल का सेवन करने से à¤à¥€ दसà¥à¤¤ हो सकता है
छोटे बचà¥à¤šà¥‡ को दसà¥à¤¤ होने के अनà¥à¤¯ कारण à¤à¥€ हो सकते हैं जैसे कि मां के सà¥à¤¤à¤¨ का दूध अगर किनà¥à¤¹à¥€à¤‚ कारणों से दूषित हो जाठतो à¤à¥€ बचà¥à¤šà¥‡ को दसà¥à¤¤ हो जाता है। अगर शिशॠकी मां जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ मातà¥à¤°à¤¾ में तैलीय पदारà¥à¤¥ या मिरà¥à¤š मसाले वाले à¤à¥‹à¤œà¤¨ करती हैं तो उसकी वजह से à¤à¥€ बचà¥à¤šà¥‡ को दसà¥à¤¤ हो सकते हैं। बचà¥à¤šà¥‡ के दूध के बोतल को अगर अचà¥à¤›à¥‡ से धोकर साफ नहीं किया जाठतो à¤à¥€ बोतल इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤Ÿà¥‡à¤¡ हो जाता है और इसके परिणामसà¥à¤µà¤°à¥‚प बचà¥à¤šà¥‡ को दसà¥à¤¤ होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ बनी रहती है।
दसà¥à¤¤ की वजह से होने वाले अनà¥à¤¯ समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚
दसà¥à¤¤ होने की वजह से शरीर में कà¥à¤› और समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ à¤à¥€ हो सकते हैं।
तà¥à¤µà¤šà¤¾ की समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚- दसà¥à¤¤ के चलते तà¥à¤µà¤šà¤¾ में à¤à¥à¤°à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ à¤à¥€ पड़ सकते हैं दरअसल दसà¥à¤¤ के लगातार जारी रहने की वजह से शरीर में पानी की कमी हो जाते हैं।
दसà¥à¤¤ में सबसे बड़ा खतरा पानी की कमी का होना होता है इसलिठदसà¥à¤¤ के दौरान मरीज को जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ पà¥à¤¯à¤¾à¤¸ का अनà¥à¤à¤µ हो सकता है।
दसà¥à¤¤ के दौरान शरीर में अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• कमजोरी महसूस हो सकती है इसके अलावा पेट में दरà¥à¤¦ की समसà¥à¤¯à¤¾ à¤à¥€ हो सकते हैं। दसà¥à¤¤ की समसà¥à¤¯à¤¾ अगर लगातार बनी रहे तो बाद में यही दसà¥à¤¤ पेचिश (Dysentery) हो सकता है
कà¥à¤› लोगों को दसà¥à¤¤ के चलते गैस बनना या फिर उलà¥à¤Ÿà¥€ हो सकती है
दसà¥à¤¤ के दौरान शरीर में खून की कमी हो सकती है औऱ इसके परिणामसà¥à¤µà¤°à¥‚प à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ की समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकते हैं।
दसà¥à¤¤ के दौरान कमजोरी के चलते सांस फूलने की समसà¥à¤¯à¤¾ à¤à¥€ सामने आ सकता है
दसà¥à¤¤ के दौरान बà¥à¤–ार होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ à¤à¥€ बन सकते हैं
बचà¥à¤šà¥‡ के दसà¥à¤¤ को ठीक करने वाले 8 पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¥€ घरेलॠउपचार/ Home Remedies to Relax from Loose Motion
अगर आपका बचà¥à¤šà¤¾ दसà¥à¤¤ से पीड़ित है, तो नीचे दिठगठउपायों को जरूर आजमाà¤à¤‚ और बचà¥à¤šà¥‡ को राहत दिलाने में मदद करें...
1. केला(Banana)
केले में à¤à¥€ पेकà¥à¤Ÿà¤¿à¤¨ होता है। पेकà¥à¤Ÿà¤¿à¤¨, अंतडियों के आस-पास à¤à¤• सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• परत का निरà¥à¤®à¤¾à¤£ करता है तथा अंतडों में मौजूद अधिक दà¥à¤°à¤µ पदारà¥à¤¥ को सोखता है।
इसके अलावा, केलों में पोटेशियम à¤à¤°à¤ªà¥‚र मातà¥à¤°à¤¾ में पाया जाता है जो इलेकà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤²à¤¾à¤‡à¤Ÿà¥à¤¸ को घटाने में मदद करते हैं। आप अपने बचà¥à¤šà¥‡ को 1 केला खाने को दे सकते है।
2. मेथी दाना(Fenugreek)
मेथी के दाने बहà¥à¤¤ गरम होते हैं जिसके कारण इसे दसà¥à¤¤ के इलाज में बहà¥à¤¤ फायदेमंद माना जाता है। इसका इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² दसà¥à¤¤ से निजात पाने के लिठकिया जाता है।
इसके लिठआप दिन में 2-3 बार à¤à¤• चमà¥à¤®à¤š à¤à¤¿à¤—ोठहà¥à¤ मेथी के दानों को à¤à¤• कप दही में मिलाकर अपने बचà¥à¤šà¥‡ को खिलाये।
3. दही(Curd)
दही में लाइव-कà¥à¤²à¤Ÿà¤°à¥à¤¸ नामक बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ होता है।
यह बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ दसà¥à¤¤ से छà¥à¤Ÿà¤•ारा पाने के लिठलैकà¥à¤Ÿà¤¿à¤• à¤à¤¸à¤¿à¤¡ को उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ करता है तथा अंतडों को à¤à¤• सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• कवच पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करता है। आप अपने बचà¥à¤šà¥‡ को दही खाने कि आदत जरà¥à¤° डाले।
10 गà¥à¤°à¤¾à¤® दही मे 1 चमचà¥à¤š खसखस मिलाकर बचà¥à¤šà¥‹ को देने से लाठहोता है।
4. सफेद चावल(White Rice)
चावल जलà¥à¤¦à¥€ पच जाते हैं तथा इन में मौजूद सà¥à¤Ÿà¤¾à¤°à¥à¤š दसà¥à¤¤ से निजात पाने का à¤à¤• अचà¥à¤›à¤¾ घरेलू उपचार है।
दसà¥à¤¤ के दौरान चावलों का सेवन पà¥à¤²à¤¾à¤µ या बिरयानी के रà¥à¤ª में ना करें, अतः आपकी समसà¥à¤¯à¤¾ और बढ़ सकती है।
सफेद चावलों को पकाकर दही या पीली दाल के साथ बचà¥à¤šà¥‹ को खिलाये। चावल को थोड़ा-थोड़ा करके कम मातà¥à¤°à¤¾ में खिलाà¤à¥¤
5. आलू (Potato)
चावल के अलावा, आलू में à¤à¥€ à¤à¤¾à¤°à¥€ मातà¥à¤°à¤¾ में सà¥à¤Ÿà¤¾à¤°à¥à¤š पाया जाता है। अतः दसà¥à¤¤ के इलाज में आलू के फायदेमंद विकलà¥à¤ª साबित होगा।
इसके लिठआपको आलू को उबालकर खाने की जरà¥à¤°à¤¤ है। उबले हà¥à¤ आलू पर मिरà¥à¤š-मसाला या चाट पाउडर डालकर ना खाà¤à¤‚।
साथ ही, इनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ फà¥à¤°à¥‡à¤‚च फà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤œà¤¼ के रà¥à¤ª में à¤à¥€ ना खिलाठकà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इस तरह उनका पेट और खराब हो सकता है।
आपको à¤à¤• बात पर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ देने की जरà¥à¤°à¤¤ है कि दसà¥à¤¤ से निजात पाने के लिठआपको सà¥à¤Ÿà¤¾à¤°à¥à¤š की जरà¥à¤°à¤¤ है ना कि मसालेदार चटपटे वà¥à¤¯à¤‚जनों की।
6. चाय पतà¥à¤¤à¥€ (Tea Leaf)
नवजात और छोटे बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को चाय पतà¥à¤¤à¥€ को पानी में घोलकर वह पानी à¤à¤• या दो चमà¥à¤®à¤š करके पिलाया जा सकता है। इससे à¤à¥€ दसà¥à¤¤ रूक जाà¤à¤‚गे।
7. अदरक (Ginger)
डायरिया के इलाज में अदरक à¤à¤• सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ व पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¥€ विकलà¥à¤ª है। अदरक खाने को पचाने में मदद करता है तथा पाचन सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ को बनाठरखता है।
सोंठया जायफल आथवा दोनो को पानी मे घिसकर 3 रतà¥à¤¤à¥€ सà¥à¤¬à¤¹- शाम देने से फायदा होता है
8. सौंफ(Fennel)
5 गà¥à¤°à¤¾à¤® सोंफ को कूटकर उबलते हà¥à¤ पानी मे डाल दें और ठंडा कर लें। ठंडा होने के बाद उसे मसलकर छान लें और 1 चमà¥à¤®à¤š पानी 1 या 2 चमà¥à¤®à¤š दूध में मिलाकर दिन मे तीन बार बचà¥à¤šà¥‡ को पिलाने से मरोड़, अपच, पेट फूलना, दसà¥à¤¤ आदि नही होते हैं।
दिन निकलते समय यह सौंफ का पानी बचà¥à¤šà¥‡ को पिलाने से बचà¥à¤šà¥‡ ठीक रहता है।
9. धनिया- लगातार हो रहे दसà¥à¤¤ के चलते मरीज को पà¥à¤¯à¤¾à¤¸ बहà¥à¤¤ लगने लगता है। 1 लीटर पानी में 1 चमà¥à¤®à¤š सूखा धनिया को उबाल लें। इसको तब तक उबालते रहें जब तक पानी आधा ना हो जाठउसके बाद इस मिशà¥à¤°à¤£ को ठंडा होने दें। इसको थोड़ी-थोड़ी मातà¥à¤°à¤¾ में मरीज को पिलाते रहें।
10. कचनार का फूल- आप निशà¥à¤šà¤¿à¤¤ रूप से कचनार के फूल को जानते होंगे। कचनार के फूल की 2-3 कली लेकर इसको बारीक पीस लें। इस मिशà¥à¤°à¤£ को चीनी के घोल में मिलाकर पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¦à¤¿à¤¨ सà¥à¤¬à¤¹ शाम थोड़ी थोड़ी मातà¥à¤°à¤¾ में सेवन करते रहें। दसà¥à¤¤ की समसà¥à¤¯à¤¾ में काफी आराम मिल सकता है।
11. नींबू के अनेक गà¥à¤£à¥‹à¤‚ से आप परिचित होंगे। नींबू को औषधि का सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ à¤à¥€ दिया गया है। दसà¥à¤¤ होने की परिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में 1 कप पानी में नींबू को निचोड़ कर मिला लें। आप इसका सेवन खाली पेट में या à¤à¥‹à¤œà¤¨ करने के बाद à¤à¥€ कर सकते हैं। दसà¥à¤¤ होने पर आंव आने की समसà¥à¤¯à¤¾ में बहà¥à¤¤ आराम मिल सकता है।
12. जीरा- जीरा बहà¥à¤¤ गà¥à¤£à¤•ारी है। सबसे पहले आप जीरे को बारीक पीस लें और फिर इसको तवे पर à¤à¥‚न लें। इस चूरà¥à¤£ को अब दही में या मटà¥à¤ े में मिलाकर सेवन करें। दसà¥à¤¤ होने पर अगर इसका सेवन करेंगे तो काफी फायदा हो सकता है।
13. बेल का नाम तो आपने जरूर सà¥à¤¨à¤¾ होगा। अगर पका हà¥à¤† बेल उपलबà¥à¤§ हो सके तो इसका गूदा निकालकर 1 चमà¥à¤®à¤š अलग कर लें। फिर इसको 1 कप ताजा दही में मिलाकर सेवन करें तो दसà¥à¤¤ में काफी फायदा हो सकता है।
14. दसà¥à¤¤ होने पर कचà¥à¤šà¤¾ पपीता à¤à¥€ काफी फायदेमंद हो सकता है। आप कचà¥à¤šà¥‡ पपीते के कà¥à¤› टà¥à¤•ड़ों को उबालकर सेवन करें इसके पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¤¾ दसà¥à¤¤ à¤à¥€ ठीक हो सकता है।
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